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पथरी से बचना चाहते हो तो जिंदागीभर मत खाना ये छ चीजे,वरना पछताने के शिवा कुछ नही कर पाओगे

पथरी की बीमारी से आजकल बहुत लोग ग्रसित हो रहे है जिसका कारण हमारे हमारा खराब खानपान,लंबे समय से दूषित पानी का प्रयोग,शरीर का अधिक वजन, कुछ बीमारियां और सप्लीमेंट व दवाएं,गुर्दे की पथरी का कारण हो सकता है।गुर्दे की पथरी को किडनी स्टोन और मेडिकल भाषा में इसे नेफ्रोलिथियासिस (Nephrolithiasis) या यूरोलिथियासिस (Urolithiasis) भी कहा जाता है।गुर्दे(किडनी) की पथरी,गुर्दे में या फिर मूत्र मार्ग में कही भी हो सकता है,जब ये पथरी बिलकुल छोटी होती है तो ये पेशाब के द्वारा बाहर निकल जाती है,लेकिन जब यह पथरी 5 mm से बड़ी होती है तो ये पेशाब के रास्ते में  रुकावट के साथ बहुत ज्यादा दर्द,उल्टी,आदि समस्याएं उत्पन्न करने लगती है।वैसे पथरी कोई गंभीर बीमारी नहीं है,लेकिन अगर इसका समय रहते सही से इलाज ना कराया जाय तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
तो चलिए आज हम इस लेख में पथरी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों पर विस्तार से चर्चा करते है।
किडनी स्टोन में क्या खाना चाहिए


गुर्दे की पथरी क्या है (what is kidney stone in Hindi):

गुर्दे की पथरी होना एक आम समस्या है।यह समस्या ज्यादातर 25 साल से उपर के व्यक्तियो में ज्यादा देखने को मिलती है,किडनी स्टोन जब हमारे मूत्र में कैल्शियम (calcium), ऑक्सलेट (oxalate) यूरिक एसिड (uric acid) और सिस्टीन (cysteine)जैसे कुछ पदार्थ जब  एकत्रित होने लगते है, तो ये धीरे–धीरे एक क्रिस्टल का रूप लेने लगते है,और ये क्रिस्टल धीरे धीरे बड़े होने लगते है,और गुर्दे से जुड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे आकार में बढ़ कर पथरी का रूप लेने लगते हैं।गुर्दे की पथरी आपके गुर्दे में या फिर मूत्र मार्ग में हो सकती है,गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन होने पर पेशाब में जलन,दर्द उल्टी आदि की समस्या देखने को मिल सकती है।

गुर्दे की पथरी के कारण (due to kidney stones in Hindi):

गुर्दे की पथरी खनिजों और लवणों का कठोर जमाव है जो गुर्दे के अंदर बनता है। वे आकार में भिन्न हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में, वे गोल्फ की गेंद के रूप में बड़े हो सकते हैं। आइए अब इस लेख में गुर्दे में पथरी होने के कारण के बारे में चर्चा करते हैं।
 
 1. डिहाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने से पेशाब गाढ़ा हो सकता है, जिससे किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है.

 2. आहार: नमक, चीनी और पशु प्रोटीन से भरपूर आहार खाने से गुर्दे की पथरी होने का खतरा बढ़ सकता है।

 3. पारिवारिक इतिहास: यदि आपके परिवार में किसी को गुर्दे की पथरी हुई है, तो आपको भी पथरी होने की संभावना अधिक होती है।

 4. चिकित्सीय स्थितियाँ: कुछ चिकित्सीय स्थितियाँ, जैसे कि गाउट या सूजन आंत्र रोग, गुर्दे की पथरी के विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

 5. दवाएं:  कुछ दवाएं, जैसे मूत्रवर्धक और कैल्शियम-आधारित एंटासिड, गुर्दे की पथरी के विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
6.मोटापा: मोटापे के कारण भी गुर्दे की पथरी होने का खतरा बढ़ जाता है 

गुर्दे की पथरी के लिए कई उपचार उपलब्ध हैं, जिनमें दर्द की दवा, पथरी को बाहर निकालने में मदद के लिए ढेर सारा पानी पीना और कभी-कभी पथरी को निकालने के लिए सर्जरी शामिल है। कुछ मामलों में, नए गुर्दे की पथरी के गठन को रोकने के लिए किसी के आहार और जीवन शैली में बदलाव की सिफारिश की जा सकती है।

पथरी के लक्षण(symptoms of kidney stones in Hindi):

जब गुर्दे की पथरी मूत्र के प्रवाह को अवरुद्ध कर देती है, तो यह दर्द और परेशानी का कारण बन सकती है। दर्द को अक्सर तीव्र और तेज के रूप में वर्णित किया जाता है, और यह आमतौर पर पीठ, बाजू या पेट के निचले हिस्से में होता है। दर्द आ और जा सकता है, और यह मतली, उल्टी या बुखार के साथ हो सकता है।

  •  बाजू और पसलियों के नीचे,तेज दर्द होना।
  • दर्द जो तीव्रता में कम-ज्यादा हो सकता है
  • कमर और पेट के निचले हिस्से में तेज़ दर्द
  • पेशाब के समय जलन महसूस होना।
  • मूत्र के साथ,खून या पस का आना।
  • मतली और उल्टी आना।
  • पेशाब की आवृत्ति में कम या ज्यादा मात्रा में लगातार पेशाब आना।
  • पेशाब से बहुत ही ज्यादा दुर्गंध आना 
  • ठंड के साथ बुखार का आना।
  • भूख न लगना, 
  • रक्तचाप उच्च होना, 
  • कमजोरी महसूस करना,
  • लगातार पेट खराब रहना,
  • घबराहट होकर पसीना आना,
  • ठंड के साथ तेज बुखार होना।

पथरी से जिंदगीभर बचे रहना चाहते हैं भूलकर भी न खाएं ये 6 चीजें (Do not eat these 6 things even by mistake if you want to avoid stones for life in Hindi):

गुर्दे की पथरी कठोर जमा होती है जो गुर्दे के अंदर बनती है और तीव्र दर्द और परेशानी पैदा कर सकती है। जबकि ऐसे कई कारक हैं जो गुर्दे की पथरी के विकास में योगदान करते हैं, किसी का आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
 किडनी स्टोन से जिंदगी भर बचना है तो ये 6 चीजें हैं जिन्हें खाने से आपको गलती से भी बचना चाहिए:

 1. नमक:  ज्यादा नमक खाने से पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है, जो गुर्दे की पथरी बनने में योगदान कर सकती है।

 2. चीनी: bबहुत अधिक चीनी खाने से पेशाब के रसायन में परिवर्तन हो सकता है, जिससे गुर्दे की पथरी होने की संभावना अधिक हो सकती है।

3. पशु प्रोटीन मांस,  चिकन या मछली जैसे बहुत अधिक पशु प्रोटीन खाने से मूत्र में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ सकती है, जो गुर्दे की पथरी के निर्माण में योगदान कर सकती है।

 4. ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ:  बहुत अधिक ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे कि पालक, चुकंदर और चॉकलेट,अनार,ड्राई फ्रूट्स,शकरकंदी,अमरूद,टमाटर, नट्स,
खाने से मूत्र में ऑक्सालेट की मात्रा बढ़ सकती है, जो गुर्दे की पथरी के निर्माण में योगदान कर सकती है।

 5. कैफीन:  कॉफी, चाय या सोडा जैसे बहुत अधिक कैफीन पीने से निर्जलीकरण हो सकता है और मूत्र में खनिजों की एकाग्रता में वृद्धि हो सकती है, जो गुर्दे की पथरी के निर्माण में योगदान कर सकती है।

 6. शराब:  बहुत अधिक शराब पीने से निर्जलीकरण हो सकता है, जो मूत्र में खनिजों की मात्रा बढ़ा सकता है और गुर्दे की पथरी के निर्माण में योगदान कर सकता है।

 अपने आहार में इन छह चीजों से परहेज करके आप गुर्दे की पथरी के विकास के जोखिम को कम कर सकते हैं और अपने समग्र स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, खूब पानी पीने और स्वस्थ वजन बनाए रखने से गुर्दे की पथरी के खतरे को और कम किया जा सकता है।
 

पथरी में कौन सा फल खाना चाहिए (Which fruit should be eaten in stone):

  • जिन फलों में पानी का मात्रा ज्यादा होती है वह पथरी के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं. ऐसे में तरबूज, खरबूज, नारियल पानी, खीरा आदि का सेवन निश्चिंत रूप से करें, ताकि शरीर में पानी की मात्रा बनी रहे.
  • पथरी से जूझ रहे व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा खट्टे फलों का सेवन करना चाहिए. ऐसे में संतरा, नींबू , अंगूर, आदि का सेवन कर सकते हैं. ये पथरी के मरीज के लिए फायदेमंद होते हैं. 
  • पथरी के मरीजों को उन फलों का सेवन करना चाहिए, जिनमें कैल्शियम की मात्रा बहुत होती है. ऐसे में अंगूर, जामुन, कीवी, आदि का सेवन हर हाल में करें।
  • आप अपने खाने में मटर और बीन्स की सब्जियों का भी सेवन कर सकते है,ये आपके किडनी स्टोन को कम करने में मदद कर सकता है।
  • गन्ने के रस का सेवन करने से भी किडनी स्टोन में लाभ मिलता है।
  • किडनी स्टोन के मरीज को कम से कम छह से सात लीटर तक पानी पीना चाहिए,पानी पीने से ये हमारे शरीर में किडनी स्टोन को कम करने में मदद करता हैं
  • किडनी स्टोन के मरीज को नींबू का सेवन जरूर करना चाहिए ,क्योंकि नींबू एक साईट्रिक फल है जो किडनी स्टोन को कम करने में मदद करता है।

पथरी में चावल खाना चाहिए या नहीं:

पथरी में चावल खाना चाहिए या नहीं,ये प्रश्न हर पथरी के मरीज के मन में उठता है लेकिन आपको बता दे की अगर आप पथरी के मरीज है तो ऐसे में आपको चावल का सेवन बहुत ही थोड़ी मात्रा में करनी चाहिए,क्योंकि चावल में फास्फोरस की मात्रा पाई जाती है जो एक किडनी स्टोन के मरीज के लिए हानिकारक हो सकता हैं,ऐसे में आप अत्यधिक मात्रा में पेय पदार्थ और खट्टे फलों का सेवन ज्यादा करे।

पथरी में अंडा खाना चाहिए या नहीं?

कई लोग अंडा खाने के काफी शौकीन होते है,लेकिन जब कोई व्यक्ति किडनी के पथरी से ग्रसित हो जाता है तो उसके मन में ये प्रश्न बार बार आता है कि क्या पथरी के दौरान अंडा खाना चाहिए या फिर नही,वैसे तो अंडे में काफी अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता हैं. जो हमारे शरीर के लिए काफी अच्छा माना जाता हैं. लेकिन पथरी की बीमारी वाले मरीज के लिए अंडा खाना हानिकारक हो सकता हैं.क्योंकि  पथरी की बीमारी में अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता हैं,ये आपके किडनी स्टोन की स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर कर सकते है,इसलिए पथरी की बीमारी में अंडा,मांस,मछली आदि के खाने से बचना चाहिए।

पथरी में रोटी खाना चाहिए या नहीं?

पथरी में रोटी खाना चाहिए की नही ये भी प्रश्न हर किडनी स्टोन के मरीज के मन में जरुर आता होगा,लेकिन मैं आपको बता दू की चावल की तरह रोटी में भी फास्फोरस की मात्रा पाई जाती है,जो एक किडनी के मरीज के लिए नुकसानदायक हो सकता है,ऐसे में आप को जरूरी है की आप रोटी का सेवन बहुत ज्यादा ना करे,इसे कम से खाने की कोशिश करे।

निष्कर्ष:

मैने इस लेख में पथरी में क्या खाना चाहिए क्या नही आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की है,उम्मीद है की आपको ये लेख पसंद आया होगा परंतु फिर भी अगर आप मुझसे स्वास्थ्य से संबंधित कोई प्रश्न पूछना चाहते हों तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं, मैं आपके प्रश्नों के उत्तर देने की पूरी कोशिश करूंगी धन्यवाद!

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