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धनुरासन करने की विधि:कई बीमारियो के इलाज के लिए फायदेमंद है धनुरासन,सावधानी।

योग करने से होने वाले लाभ को आज पूरी दुनिया लोहा मान चुकी है। योग हमारे शरीर को भीतर से स्वस्थ और मजबूत बनाता है,साथ ही ये हमे मानसिक रूप से भी मजबूत बनाने में मदद करता हैं,योग विशेषज्ञ कहते हैं नियमित रूप से योग करने से हमारा शरीर खुद को स्वस्थ रखने की क्षमता हासिल कर लेता है।जिससे हम अन्य लोगों की तुलना में कम बीमार पड़ते हैं,प्रत्येक व्यक्ति या प्राणी के शरीर में हर बीमारी से लड़ने की क्षमता होती है। जब यह क्षमता कमजोर होने लगती हैं तो व्यक्ति कई सारी बीमारियो से ग्रसित हो सकता है,ऐसे में योग का नियमित रूप से करने से ये हमारे शरीर के भीतर के बीमारियो से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है,आज हम इस लेख धनुरासन जैसे महत्वपूर्ण योगाभ्यास के बारे में चर्चा करेंगे जो हमारे शरीर और मस्तिष्क दोनों को मजबूत बनाने में सहायक है,धनुरासन योग को प्रकृति से मिला हुआ एक वरदान की तरह माना गया हैं। इस आसन को हिमालय की तराई में रहने वाले हठ योगियों की मुद्रा माना जाता है। 

धनुरासन करने की विधि:कई बीमारियो के इलाज के लिए फायदेमंद है धनुरासन,सावधानी।


विषय सूची

धनुरासन योग क्या है

धनुरासन योग कितने प्रकार के होते हैं।

धनुरासन करने की विधि

शुरुआती लोगों के लिए धनुरासन करने के लिए टिप्स

धनुरासन कब करना चाहिए

धनुरासन के फायदे

धनुरासन की सावधानियां

अर्ध धनुरासन करने का तरीका

धनुरासन योग क्या है (what is dhanurasana yoga in Hindi):

धनुरासन संस्कृत के दो शब्दो (धनु:+आसन) से मिलकर बना है,जिसमे धनु: का मतलब होता है धनुष और आसन का मतलब होता है मुद्रा या स्थिति यानी की इस आसन को करते वक्त व्यक्ति का शरीर धनुष के समान दिखाई देता है,इसीलिए इस आसन को धनुरासन के नाम से जाना जाता हैं।धनुरासन को इंग्लिश में बो पोज (bow pose) के नाम से जाना जाता हैं।

धनुरासन को हठ योग के 12 मूल आसनों में से एक माना जाता है। धनुरासन करने से पीठ की मांशपेशी पर खिंचाव पड़ता है,जिसके फलस्वरूप कमर में लचीला पन बढ़ता है,और कमर मजबूत होती हैं, साथ ही इस आसन को करने से पेट के नीचे, गला, जांघें, टखने, पैरों की मांसपेशियां, सामने का संपूर्ण शरीर इन सभी की मांशपेशीयों में भी खिचाव आता है और ये सभी अंग मजबूत होते हैं,इस आसन को नियमित रूप से करने से शरीर में चुस्ती,पाचन तंत्र  मजबूत,हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं,

धनुरासन योग कितने प्रकार के होते है:

धनुरासन योग दो प्रकार के होते है,एक अर्ध धनुरासन और एक पूर्ण धनुरासन

पूर्ण धनुरासन, अर्ध धनुरासन की तुलना में कठिन होता है,पूर्ण धनुरासन करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है लेकिन नियमित अभ्यास से आप पूर्ण धनुरासन कर सकते है।अगर आप इस आसन को पहली बार कर रहे हैं तो ऐसे में आप अर्ध धनुरासन को  करे,और कुछ समय पश्चात पूर्ण धनुरासन करने की कोशिश करे।

धनुरासन करने से महिलाओ और पुरुष दोनों को लाभ मिलता है,इस योग के नियमित अभ्यास से हमारे रीढ़ की हड्डियां मजबूत होती है।

धनुरासन करने की विधि (Dhanurasana method in Hindi):

धनुरासन योग को नियमित रूप से करने से इस आसन के अनेको लाभ है,परंतु इस लाभ को पाने के लिए जरूरी है कि इस आसन को सही तरीके से किया जाय,गलत तरीके से कोई भी आसन करने से उस आसन का लाभ मिल पाना मुश्किल है,इस लेख में आगे धनुरासन करने की विधि के बारे में बताया गया है।

धनुरासन करने की विधि विधि:कई बीमारियो के इलाज के लिए फायदेमंद है धनुरासन,सावधानी।


  • इस आसन को करने के लिए एक शांत और हवादार माहौल का चुनाव करें।
  • अब इस वातावरण में योग मैट यानी चटाई को बिछा ले और इस चटाई पर उल्टे यानी पेट के बल लेट जाएं।
  • अपने पैरों को सटाकर रखें और हाथों को एक दम सीधा कमर से सटाकर रखें
  • अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें और हाथों से टखने को एक दम कसकर पकड़ें।
  • अब सांस को भीतर की ओर खींचते हुए अपने सीने और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं, हाथों से पैरों को खीचें।
  • अपना ध्यान सांसों की गति पर केंद्रित करने की कोशिश करें, शरीर धनुष की तरह खिंचा हुआ रहे,जबकि हाथ धनुष की डोरी की तरह एक सिध में हो।
  • इस स्थिति में आप अपनी क्षमता के अनुसार कुछ समय तक रह सकते है,इस दौरान आप अपने सांस की गति सामान्य रख सकते है।
  • अब आप सामने की ओर देखें और चेहरे पर मुस्कान बनाए रखें
  • ध्यान रहे ऐसा करते वक्त आप अपने हाथों पैरो से बहुत ज्यादा जोर जबरदस्ती ना करे।
  •  15-20 सेकेंड इस अवस्था में रहने के बाद आप सांस छोड़ते हुए सामान्य या प्रारंभिक अवस्था में आ सकते है।
  • इस आसन को आप दस से बारह बार कर सकते हैं।

इस तरह से आप धनुरासन योग को कर सकते है,धनुरासन योग को करने के लिए अगर ऊपर बताई गई विधि आपको समझ में न आए तो आप अपने आस पास किसी योग विशेषज्ञ से सलाह लें सकते है।


शुरुआती लोगों के लिए धनुरासन करने के लिए टिप्स (Beginner’s Tip to do Dhanurasana in Hindi):


अगर आप धनुरासन पहली बार करने जा रहे है तो ऐसे में आप इस आसन को करते वक्त नीचे दिए गए निम्न टिप्स को फॉलो कर सकते है।

  • इस आसन को करते वक्त आपको अपने शरीर को किसी तरह का तनाव नहीं बनाना है।
  • आसन करते वक्त यदि आपके जांघ और सीना अगर न खिंच पाए, तो जबरदस्ती न करें। उसे किसी तकिए या फिर कंबल की सहायता से जांघो को सपोर्ट दे।
  • इस आसन को करते वक्त यदि आप असहज महसूस करे तो इसे उस वक्त के लिए छोड़ दे।
  • इस आसन को करने से पहले आप कुछ सरल आसनों को करे,जिससे आपकी बॉडी में लचीलापन आ सके।इस आसन को करते वक्त यदि आप ज्यादा देर तक धनुष जैसे आसन में नहीं रह पाते है,तो तुरंत प्रारंभिक अवस्था में आ जाए।

धनुरासन कब करना चाहिए:

किसी भी आसन या प्राणायाम को करने का सही समय सुबह का समय माना जाता हैं,साथ ही यदि आप आसन करने पहले शौच कर ले और पेट एक दम खाली रहे तो यह अति उत्तम माना जाता हैं परंतु अगर आप सुबह के समय किसी कारण वश इस आसन को करने में असमर्थ है तो ऐसे में आप इस आसन को करने से चार से छह घंटे कुछ भी ना खाया हो और आसान करने से पहले शौच कर ले।


धनुरासन के फायदे (Benefits of Dhanurasana in Hindi):

धनुरासन, जिसे धनुष मुद्रा के रूप में भी जाना जाता है, योग में पीछे की ओर झुकने वाला आसन है जो शरीर और मन को कई लाभ प्रदान करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। धनुरासन के कुछ लाभों में शामिल हैं:


 1. पीठ और कोर को मजबूत करता है धनुरासन (Dhanurasana strengthens the back and core in Hindi):

पीठ और कोर को मजबूत बनाने में धनुरासन अत्यंत लाभकारी आसन है,योग विशेषज्ञ के अनुसार नियमित रूप से धनुरासन करने से हमे अद्भुत परिणाम देखने को मिल सकते हैं,क्योंकि यह मुद्रा शरीर को जमीन से ऊपर उठाने के लिए पीठ और कोर की मांसपेशियों का उपयोग करती है, जिससे उनकी ताकत में सुधार होता है।धनुरासन का अभ्यास करने से पीठ मजबूत होती है और पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। अतः अगर आप भी अपने पीठ और कमर को मजबूत बनाना चाहते है तो आज से पूर्ण धनुरासन या फिर अर्ध धनुरासन करना स्टार्ट कर दे।यह गर्दन के तनाव को कम करने के साथ गर्दन और पीठ दर्द को ठीक करने में मदद करता है।

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3.वजन कम करने के लिए धनुरासन (Dhanurasana for weight loss in Hindi):

बढ़ते वजन को कम करने के लिए अनेकों योगाभ्यास के तरीके है,इन्ही योगाभ्यास के तरीको में धनुरासन भी शामिल है,धनुरासन के नियमित अभ्यास से पैर ,कमर,हांथ यानी पूरी बॉडी की स्ट्रेचिंग होती है,जिसके कारण से बॉडी में लचीलापन आता है,और शरीर में जमी चर्बी को भी पिघलाने में मदद करता है,ऐसे में अगर आप अपना वजन कम करना चाहते है तो नियमित रूप से इस आसन के साथ ही साथ सही खान पान का भी चुनाव करे।धनुरासन करने से कैलोरीज बर्न होती हैं और मोटापा कम होता है.

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4.डिप्रेशन के लिए धनुरासन (Dhanurasana for depression in Hindi):

आजकल लोगों की मानसिक समस्याएं बढ़ गई हैं. चिंता और अवसाद व्यक्ति को अंदर से खोखला कर रहा है. ऐसे में आप नियमित रूप से धनुरासन का अभ्यास करें. यकीन मानिए, इससे आपकी मानसिक उलझनें दूर होंगी. धनुरासन के अभ्यास से शरीर में मौजूद स्ट्रेस हॉर्मोन कम होता है. साथ ही चिंता और अवसाद में आराम मिलता है.

5.अस्थमा के मरीजों के लिए धनुरासन (Dhanurasana For Asthma Patients in Hindi)

बढ़ते पॉल्यूशन की वजह से सांस से संबंधित बीमारी बढ़ती जा रही है,ऐसे में इन समस्याओं से लड़ने के लिए योगाभ्यास में कई सारे प्राणायाम और आसन शामिल है,इन्ही आसनों में धनुरासन भी शामिल हैं,योग विशेषज्ञ के कथानानुसार धनुरासन का अभ्यास अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होता है. जिन लोगों को अस्थमा की शिकायत है, वो रोजाना 10 से 15 मिनट के लिए धनुरासन करें. इससे सांस लेने में तकलीफ की समस्या से राहत मिलती है।


6.पीरियड्स में मददगार धनुरासन (Dhanurasana In Periods in Hindi):

महिलाएं अक्सर पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से गुजरती हैं,पीरियड के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए धनुरासन काफी मददगार है,योग विशेषज्ञ के अनुसार इस आसन के नियमित रूप से करने पर पीरियड के दौरान होने वाले दर्द, खिचाव से बचा जा सकता हैं इसलिए यह आसन का अभ्यास हर लड़कियां एवं महिलाएं नियमित रूप से करना चाहिए इस आसन को नियमित करने से पेट में मौजूद अंगों की कार्यक्षमता में सुधार होता है. साथ ही माहवारी के दौरान पीठ दर्द, कमर दर्द और पेट दर्द की समस्या में भी आराम मिलता है. 

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7.किडनी बीमारियों में करें धनुरासन (Dhanurasana In Kidney Problems in Hindi):

किडनी से संबंधित बीमारियो को ठीक करने के लिए बहुत ही कम योगाभ्यास उपलब्ध है,ऐसे में धनुरासन भी इस समस्या के निदान में सहायक है जिन लोगों को किडनी से जुड़ी कोई भी बीमारी है, उनके लिए धनुरासन बहुत उपयोगी साबित होगा योग विशेषज्ञ के अनुसार नियमित रूप से इस आसन को करने से किडनी से संबंधित बीमारी होने का खतरा कम हो जाता हैं, यह आसन किडनी संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करने में फायदेमंद है, नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को दूर करने में मदद मिलती है।

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 8. पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है धनुरासन (Dhanurasana stretches the whole body in Hindi): 

पूरे शरीर को स्ट्रेच करने से बॉडी में लचीलापन आता है,जिससे हमारे कंधे कमर,पैर, रीढ़ की हड्डी,मजबूत होती हैं,बॉडी को स्ट्रेच करने के लिए कई योगाभ्यास है,इन्ही योगाभ्यास में धनुरासन भी शामिल है,योग एक्सपर्ट के अनुसार नियमित रूप से इस आसन को करने से पूरी बॉडी आसानी से स्ट्रेच हो जाता हैं, धनुरासन एक पूरे शरीर का खिंचाव है जो रीढ़, कूल्हों, कमर, क्वाड्रिसेप्स, कंधों और छाती सहित अन्य क्षेत्रों को लक्षित करता है।

 9. पाचन में सुधार के लिए धनुरासन (Dhanurasana to improve digestion in Hindi):

पाचन खराब होने का कारण गलत खान पान और असंतुलित जीवनशैली हो सकता है,ऐसे में पाचन तंत्र को मजबूत रखने के लिए धनुरासन बहुत ही लाभकारी आसन में से एक माना जाता हैं हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार इस आसन को नियमित करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है क्योंकि यह आसन पाचन अंगों की मालिश करने में मदद करता है, जिससे पाचन में सुधार होता है और कब्ज कम होता है।

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 10. ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में धनुरासन (Dhanurasana in increasing blood circulation in Hindi):

स्वस्थ शरीर के लिए ब्लड सर्कुलेशन का सही तरीके से संचालन होना अति आवश्यक है,अगर ब्लड का सही तरीके से संचालन न हो तो कई सारी बीमारिया होना स्वाभाविक है,ब्लड का संचार सही तरीके से होने के लिए धनुरासन काफी अच्छा आसन माना जाता हैं,क्योंकि धनुरासन पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जो थकान को कम करने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता हैं।

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 11.पोस्चर में सुधार धनुरासन (Posture Improvement Dhanurasana in Hindi):

के अभ्यास से रीढ़ की अलाइनमेंट में सुधार करने में मदद मिलती है, जिससे पोस्टुरल असंतुलन को कम किया जा सकता है। कुल मिलाकर, धनुरासन एक चुनौतीपूर्ण लेकिन बहुत ही लाभकारी आसन है जो कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। हालांकि, किसी भी चोट से बचने के लिए किसी प्रमाणित योग शिक्षक के मार्गदर्शन में मुद्रा का अभ्यास करना महत्वपूर्ण है।


धनुरासन की सावधानियां (Precautions of Dhanurasana in Hindi):

अभी तक आपने इस लेख में धनुरासन करने के फायदे आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की,लेकिन अब आगे इस लेख में धनुरासन करते वक्त क्या सावधानी बरतनी चाहिए के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करेंगे।

  • अगर आप हर्निया, हाई या लो ब्लडप्रेशर,के मरीज है तो ऐसे में आप इस आसन को ना करे।
  •  पीठ के निचले हिस्से में दर्द, होने पर आप इस आसन को ना करे।
  •  माइग्रेन, सिरदर्द,की समस्या होने पर आप इस आसन को करने से बचे।
  •  गर्दन में चोट या हाल ही में किसी तरह की पेट की सर्जरी हुई हो तो आपको इस आसन के अभ्यास से बचना चाहिए।
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इस आसन को नहीं  करना चाहिए।
  • दिल की समस्याओं से पीड़ित लोगों को इस आसन से बचना चाहिए।
  • भोजन के तुरंत बाद इस आसन का अभ्यास न करें।

अर्ध धनुरासन करने का तरीका:

पूर्ण धनुरासन करना ,अर्ध धनुरासन की तुलना में कठिन होता है,ऐसे में अगर आप पूर्ण धनुरासन करने में असमर्थ है तो आप अर्ध धनुरासन कर सकते हैं।

धनुरासन करने की विधि विधि:कई बीमारियो के इलाज के लिए फायदेमंद है धनुरासन,सावधानी।


  • सबसे पहले एक शांत और हवादार माहौल का चुनाव करे।
  • अब योगा मैट पर पेट के बल लेटें और ठुड्डी और हाथों को जमीन से सटाएं।
  • अब अपने बाएं पैर के  घुटने को मोड़ते हुए पीठ के पीछे ले जाएं और इसकी एड़ी को बाएं हाथ से पकड़कर ऊपर उठाएं।
  • फिर बाएं पैर समेत शरीर के पूरे बाएं हिस्से को अपनी क्षमतानुसार ऊपर उठाएं।
  • इस दौरान पांच बार लंबी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य हो जाएं।
  •  अब इस प्रक्रिया को दाएं पैर से भी दोहराएं।

निष्कर्ष:

इस लेख से आपको इस बात की तो जानकारी हो ही गई होगी की योग का हमारे जीवन में क्या महत्व है,इस लेख में धनुरासन से संबंधित सभी विषयों पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है उम्मीद है कि आपको मेरा यह ब्लॉग पसन्द आया होगा परंतु अगर आप मुझसे स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी सवाल पूछना चाहते हैं तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं मैं आपके प्रश्नों के उत्तर देने की पूरी कोशिश करूंगी धन्यवाद!

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